Swami Samarth Tarak Mantra 2023 | श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र – Download Free Tarak Mantra PDF

श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र (Swami Samarth Tarak Mantra In Marathi) जाप उपाय पर यह लेख आपको श्री स्वामी समर्थ मंत्र जाप के महत्व, लाभ और तकनीक के बारे में विस्तार से बताएगा। यह एक प्रमुख आध्यात्मिक उपासना प्रणाली है जो संसार के विभिन्न हिस्सों में अनुयायों द्वारा अपनाई जाती है। इसके माध्यम से श्रद्धा और आस्था का विकास होता है और यह मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान करता है और आत्मिक समृद्धि की प्राप्ति करने मे मनुष्य की सहायता करता है।

।। श्री स्वामी समर्थ ।

नि:शंक हो, निर्भय हो, मना रे
प्रचंड स्वामीबळ पाठीशी रे
अतर्क्य अवधूत हे स्मरण गामी,
अशक्य ही शक्य करतील स्वामी।।१।।

जिथे स्वामी पाय तिथे न्यून काय,
स्वये भक्त प्रारब्ध घडवी ही माय
आज्ञेवीना काळ ना नेई त्याला,
परलोकीही ना भीती तयाला।।२।।

उगाची भितोसी भय हे पळु दे
जवळी उभी स्वामीशक्ति कळू दे
जगी जन्ममृत्यु असे खेळ ज्यांचा,
नको घाबरू तू असे बाळ त्यांचा।।३।।

खरा होई जागा श्रद्धेसहित,
कसा होशी त्याविण तू स्वामि भक्त
कितीदा दिला बोल त्यांनीच हात
नको डगमगु स्वामी देतील साथ ।।४।।

विभूति नमन नाम ध्यानादी तीर्थ,
स्वामीच या पंचाप्राणामृतात
हे तीर्थ घेइ, आठवी रे, प्रचिती
ना सोडती कदा स्वामी जय घेई हाती ।।५।।

Swami Samarth Tarak Mantra
Shree Swami Samarth Tarak Mantra in Hindi

श्री स्वामी समर्थ कौन हैं? | Who is Shree Swami Samarth?

श्री स्वामी समर्थ एक महान आध्यात्मिक गुरु थे जो महाराष्ट्र क्षेत्र में 1835 वीं शताब्दी में जन्मे। उनका मनुष्यत्व भगवान दत्तात्रेय के अवतार के रूप में जाना जाता है। श्री स्वामी समर्थ ने अपने जीवन के दौरान कई चमत्कारिक कार्य किए और अपने अनुयायों को सत्संग और आध्यात्मिक उन्नति की शिक्षा दी।

तारक मंत्र जप का महत्व | Importance of chanting Tarak Mantra

मंत्र जप आध्यात्मिक साधना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से हम आत्मा की ऊर्जा को शुद्ध करके मन को स्थिर और निर्मल बनाते हैं। मंत्र जप करने से हम अपनी भावनाएं, विचार और व्यवहार को प्रभावित करते हैं और अंततः आत्मिक एकाग्रता और शांति का अनुभव करते हैं।

श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र जप के लाभ | Benefits of chanting Shri Swami Samarth Tarak Mantra

श्री स्वामी समर्थ मंत्र जप करने के कई लाभ हैं। यहां कुछ महत्वपूर्ण लाभ दिए गए हैं:

मानसिक शांति: श्री स्वामी समर्थ मंत्र जप आपके मन को शांति और स्थिरता प्रदान करता है। यह आपको मानसिक तनाव से राहत दिलाता है और मन को शुद्ध करने का कार्य करता है।

आत्मिक समृद्धि: मंत्र जप करने से आपकी आत्मा की ऊर्जा ऊंची होती है और आप आत्मिक समृद्धि का अनुभव करते हैं। यह आपको अधिक उदार और प्रेमपूर्ण बनाता है।

शक्ति की प्राप्ति: श्री स्वामी समर्थ मंत्र जप करने से आप ऊर्जा को अपने शरीर में बढ़ा सकते हैं और शक्ति की प्राप्ति कर सकते हैं। यह आपको सक्रिय और उत्साही बनाता है।

बुराई से मुक्ति: श्री स्वामी समर्थ मंत्र जप करने से आप बुराई से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। यह आपको सद्भावना, तोलेरेंस और धैर्य की प्राप्ति में मदद करता है।

श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र Video | Shree Swami Samarth Tarak Mantra Video

तारक मंत्र का क्या अर्थ है? | What is the meaning of Tarak Mantra?

तारक मानत का अर्ह बहुत ही आसन है जैसे की अगर कोई इन्सान अपने जीवन मे किसी बोमारी से लाध रहा है, या फिर कोई ऐसा इन्सं है जिसे कोई चिंता बहित सता रही है, या कोई मनुष्य जो अपने जीवन मे बहुत ही दिखी है, परेशान है तो ऐसे लोगों को इन परेशानियों से बहार निकलने के लिए कुछ उपायों को बताया हुआ है.

श्री स्वामी समर्थ मे हम सभी को तारक मंत्र के रूप मे बहुत ही अनमोल तोहफा दिया है. देख जाये तो वास्तव मे स्वामी के तारक मंत्र मे इतनी ज्यादा शक्ति है की आप औ हम इसके बारे मे कभी सोच भी नहीं सकते हो. क्योंकि स्वामी की शक्ति और उनकी लीला अपरमपार है.

जब आप तारक मंत्र का जप करना शुरू कर देते हो तो आपको असकी शक्ति का अंदाजा होने लगता है और आपको इस बात का अंदाजा आने लगता है की किस तरह से आपके जीवन मे बदलाव आना शुरू होने लगता है और किस तरह से आपका मानसिक बल अपने आप बढ़ने लगता है.

स्वामी ने दिया हुआ तारक मंत्र का जब आप जप करना शुरू करते हो तो आपको यह अनुभव होनेलागता है की आपके शारीर के अन्दर एक शक्ति का संचार हो रहा है जो आपको आपकी पीड़ाओ से लाधने के लिए बल प्रदान कर रहा है.

आपको सिर्फ इस तारक मंत्र का जप करते हुए विश्वास रखना है और इस तारक मंत्र का जप करते जाना है. तो आपके यह प्रतीत होगा की दुनिया मे ऐसा कुछ भी नहीं है जो असंभव है. आपका विश्वास ही आपको ज्यादा से ज्यादा शक्ति प्रदान करने लगेगा.

आपको यह महसूस होने लगेगा की जो स्वामी इस पूरी दुनिया का रक्षण कर रहा है, जो इस हवा मे, पेड़ों के पत्तो मे, फूलों मे मौजूद है वही स्वयं मेरी रक्षा करने के लिए मेरे साथ है और हमेशा मेरे साथ ही रहने वाले है. इसी लिए आप सभी लो स्वामी के तारक मंत्र का जप करना चाहिए.

किसी न किसी रूप मे स्वामी हमेशा आपके साथ ही रहेंगे आपको सिर्फ इस बात का अहसास होना जरुरी है स्वामी मेरे साथ है और वह किसी भी संकट मे मेरे साथ खड़े रहने वाले है और मेरी रक्षा करने वाले है.

Swami Samarth Tarak Mantra
Tarak Mantra

Swami Samarth Tarak Mantra Meaning। स्वामी समर्थ तारक मंत्र का अर्थ

गुरु ब्रम्हा गुरु विष्णू,
गुरुः देवो महेश्वरा।
गुरु शाक्षात परब्रम्हा,
तस्मै श्री गुरुवे नमः।।

अर्थात्: गुरु ही स्वयम ब्रह्मा है, गुरु ही स्वयम विष्णु है, गुरु ही स्वयम भगवान शिव है। गुरु ही स्वयम पर ब्रह्म है, और गुरु को मैं नमन करता हूं।

नि:शंक हो, निर्भय हो, मना रे
प्रचंड स्वामीबळ पाठीशी रे
अतर्क्य अवधूत हे स्मरण गामी,
अशक्य ही शक्य करतील स्वामी।।१।।

अर्थात्: हे मेरे मन, तुम बिना किसी शंका के और निर्भय रहो. स्वामी जो सर्व शाक्तिशाली है वह हमेशा तुम्हारे साथ है. अतर्क्य अवधृत है स्मृत गामी. और स्वामी मे वह शक्ति है की वह असंभव को संभव भी करेंगे.

जिथे स्वामी पाय तिथे न्यून काय,
स्वये भक्त प्रारब्ध घडवी ही माय
आज्ञेवीना काळ ना नेई त्याला,
परलोकीही ना भीती तयाला।।२।।

अर्थात: जहां पर स्वामी जी के चरण होते है वहां किस चीज की कभी कमी नहीं होती है. स्वामी स्वयं अपने भक्तों का भाग्य लिखते है. स्वामी जी की आदेश बिना कुछ नहीं होता है औरपरलोक मे भी कोई भी भक्तों को भय नहीं है.

उगाची भितोसी भय हे पळु दे
जवळी उभी स्वामीशक्ति कळू दे
जगी जन्ममृत्यु असे खेळ ज्यांचा,
नको घाबरू तू असे बाळ त्यांचा।।३।।

अर्थात्: बिना वजह दर रहा है तू, इस डर को तुम भगा दो, तेरे मन के भीतर बसी स्वामी की शक्ति को समझ लो. जीना और मरना सब खेल है उसीका, तुम डरो मत तुम बालक हो उनके. असंभव को भी संभव कर देंगे स्वामी.

खरा होई जागा श्रद्धेसहित,
कसा होशी त्याविण तू स्वामि भक्त
कितीदा दिला बोल त्यांनीच हात
नको डगमगु स्वामी देतील साथ ।।४।।

अर्थात्: अपने दिल मे श्रद्धा पूरी तरह से जगलो,इसके बिना तुम स्वामी भक्त कैसे बनोगे. याद करो तुम्हे कितनी बार स्वामी मी साथ दी है. तुम डगमगाओ मत स्वामी हमेश तुम्हे हाथ देंगे. असंभव को भी संभव कर देंगे स्वामी.

विभूति नमन नाम ध्यानादी तीर्थ,
स्वामीच या पंचाप्राणामृतात
हे तीर्थ घेइ, आठवी रे, प्रचिती
ना सोडती कदा स्वामी जय घेई हाती ।।५।।

अर्थात्: विभूति, नमन, नाम, ध्यानादी , तीर्थ, इन पांच प्राणों में स्वयं स्वामी ही बसते है. स्वामी ही हर पल साथ रहते है, एक बार हाथ थाम लिया तो वो कभी भी नहीं छोड़ते है.
Shri Swami Samarth Tarak Mantra 2023
Tarak Mantra

Swami Samarth Tarak Mantra | स्वामी समर्थ तारक मंत्र जप करने की विधि

दोस्तों इस पोस्ट मे हमने आपको तारक मंत्र का सही अर्थ क्या है यह भी बता दिया है और तारक मंत्र का हमने हिन्दी मे अनुवाद भी लिखा है. तो चलिए अब हम यह समझते है की आपको यही तारक मंत्र का जाप करना होंगा तो आपको किन बातों का ध्यान रखना होंगा. तारक मंत्र का जाप करते समय आपने इस जाप को किस तरह से करना चाहिए.

क्योनी की अगर आप सही तरीके से Swami Samarth Tarak Mantra (स्वामी समर्थ तारक मंत्र) का जाप करोंगे तो आपको निचित रूप से इसके सकारात्मक फल देखने को मिलाने वाले है. इसी लिए इस Swami Samarth Tarak Mantra (स्वामी समर्थ तारक मंत्र) के जप को करने के लिए आपको कुछ बातों का ख़याल रखना बेहद जरुरी है.

तो चलिए देखते है की किस तरह से आप Swami Samarth Tarak Mantra (स्वामी समर्थ तारक मंत्र) जा करा सकते है.

समय : Swami Samarth Tarak Mantra | स्वामी समर्थ तारक मंत्र का जप करने के लिए देखा जाए तो आप किसी समय कर सकते है जो वक्त आप पुरे ध्यान से और अपने मन को पूरी तरह से एकाग्र कर सके वैसा समय आपको सबसे पहले निकाल लेना है. लेकिन कुछ महा पुरूषों का यह कहना है की किसी भी मंत्र का जाप करने ने के लिए सबचे उचित समय सुबह को होता है. क्योंकि सुबह का वक्त एस है जब प्रकृति खिलने लगाती है, पोधों पर कलिया, फुल खिलने लगते है. सूरज अपनी रोशनी को पृथ्वीपर पसारने लगता है. इसी लिए हर मंत्र का जाप आपको सुबह के वक्त करना चाहिए.

माला: आप जब भी Swami Samarth Tarak Mantra (स्वामी समर्थ तारक मंत्र) का जाप करने बेथोंगे तो आपको तुलसी की माला लेकर जाप करना चाहिए. यदि आपके पास तुलसी की माला नहीं है तो आप रुद्राक्ष की माला को भी जाप करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हो. जाप करते समय आपको हमेशा एकही माला का प्रयोग करना है आपको बार बार माला को बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है. जहा तक हो सके आप हमेश्सा कोईभी एक माला का ही जाप करने के लिए प्रयोग करे.

चित्र: अगर आपको Swami Samarth Tarak Mantra (स्वामी समर्थ तारक मंत्र) का जाप करना है और जाप करते समय आपके घमे मे श्री स्वामी समर्थ की तसवीर हो तो बहुत ही बहिया है. यदि आपके पास तस्वीर नहिहाई तो आप स्वामी की किसी फोटो को सामने रख कर भी जाप कर सकते हो. स्वामी की तस्वीर को सामने रख कर जब आप मंत्र का जप करने लगते हो तो आपको यह महसूस होने लगेगा की आपके अन्दर एक शक्ति का समावेश हो रहा है. इसीलिए आपको तस्वीर को सामने रखकर मंत्रोच्चार करना चाहिए.

आसन: Swami Samarth Tarak Mantra (स्वामी समर्थ तारक मंत्र) का जाप करने के लिए किसी विशेष आसन की ही आवश्यकता होती है ऐसा कुछ भी नहीं है. आपको जाप करते समय सिर्फ इस बात का विशेष ध्यान रखना है की आप जहापर भी बैठकर जाप करने वाले है वह जगह साफ़ और स्वच्छ होनी चाहिए. ऐसा नहीं होना चाहिए की आपने उसी जगह पर बैठकर मासाहार का सेवन किया हो. यदि आपको जाप करते समय निचे बैठने मे तकलीफ हो तो आप चाहे तो किसी स्टूल या खुर्सी का भी इस्टाल कर सकते हो. सिर्फ बैठने का आसन महेश साफ़ और शुद्ध होना जरुरी है.

स्वामी समर्थ का इतिहास | Swami Samarth History In Hindi

स्वामी समर्थ तारक मंत्र के बारेमे अधिक में जाने से पहले, आइए एक नजर हम विस्तार से स्वामी समर्थ के जीवन और शिक्षाओं के बारे में जानने के लिए डालते है। श्री स्वामी समर्थ सन1835 में महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव “अक्कलकोट” में प्रकट हुए। स्वामी मे आध्यात्मिक महानता के लक्षण दिखाई देते थे और वे अपनी करुणा, बुद्धि और चमत्कारी शक्तियों के कारन वह रहने वाले लोगों को विशेष रूप से प्रभावित किया.

स्वामी समर्थ ने अपने जीवन काल पूरे भारत की यात्रा की है, साथ ही स्वामी ने अपनी शिक्षाओं का प्रसार किया और हमेशा जरूरतमंद लोगों की सहायता की। स्वामी समर्थ महाराज शारीरिक और आध्यात्मिक बीमारियों को ठीक करने की अपनी क्षमता के लिए विशेष रूप से जाने जाते है और यही वजह है की सभी लोग उन्हें एक दैवीय अवतार मानते है। स्वामी समर्थ ने सन 1878 में समाधी ली और अपना भौतिक शरीर छोड़ दिया, लेकिन आज भी उनकी शिक्षाएँ और विरासत दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित करती रही हैं।

जो कुछ भी स्वामी ने अपने जीवन काल मे लीगों को सिखाया उन सभी बैटन का पालन आज भी श्रद्धालु और भावीक करते है. दुनिया भर से आज भी अनागिनक लोग स्वामी की पदुकाओंके दर्शन लेने के लिए अक्कलकोट की यात्रा करते है. पुरे विशस से साथ आज भी दुनियाभर के लोग इसी लिए तारक मंत्र का जाप करते है की उन्हें यह विश्वास है की स्वामी हमेशा उनके साथ है. जो अपने भक्तोंपर कभी भी कोई भी संकट नहीं आने देते है.

Swami Samarth Tarak Mantra Hindi
Tarak Mantra in Hindi

तारक मंत्र का जप कैसे करें? | How to Chant Tarak Mantra?

मंत्र जप करने के लिए आप निम्नलिखित चरणों का पालन कर सकते हैं:

स्थिर और निर्मल मन की स्थापना करें।
एक चुने हुए स्थान पर बैठें और ध्यान केंद्रित करें।
अपने आँखों को बंद कीजिए और गहरी सांस लीजिए।
श्री स्वामी समर्थ मंत्र को जाप करें, ध्यान केंद्रित करते हुए हर शब्द को ध्यान से सुनें।
मंत्र को निरंतर और नियमित रूप से जपते रहें, बीच में विचलित न हों।

श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र जप के उपाय | Shree Swami Samarth Tarak Mantra Remedy

श्री स्वामी समर्थ मंत्र जप करने के लिए आप निम्नलिखित उपायों का अनुसरण कर सकते हैं:

  • प्रातःकाल में उठकर शुद्ध शरीर के साथ ध्यान करें।
  • अपने श्रद्धा और आस्था को मजबूत करने के लिए धारणा और ध्यान प्रदान करें।
  • नियमित रूप से मंत्र जप का अभ्यास करें, प्रतिदिन कम से कम १०-१५ मिनट समय दें।
  • जप करते समय ध्यान और एकाग्रता बनाए रखने का प्रयास करें।

तारक मंत्र जप के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें | Things worth meditating on while chanting Tarak Mantra

मंत्र जप करते समय आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • शुद्ध मन की अवस्था में रहें।
  • सुरक्षित और चैतन्यता से मंत्र जप करें।
  • ध्यान केंद्रित करने के लिए एक स्थान का चयन करें।
  • स्थिर आसन में बैठकर यह सुनिश्चित करें कि आपका शरीर आराम से स्थित है।

तारक मंत्र जप के बाद के लाभ | Benefits after chanting Tarak Mantra

मंत्र जप करने के बाद आप निम्नलिखित लाभ प्राप्त कर सकते हैं:

  • मन की शांति और स्थिरता
  • आत्मिक समृद्धि और संतुष्टि
  • शक्ति और उत्साह की प्राप्ति
  • ध्यान क्षमता में सुधार

तारक मंत्र निरंतर जप की अहमियत | The importance of constant chanting of Tarak Mantra

निरंतर मंत्र जप करना आपकी आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से आप अपने अन्तरंग मन को शुद्ध कर सकते हैं और ध्यान क्षमता में सुधार कर सकते हैं। निरंतर जप करने से आप आत्मिक विकास की ओर प्रगति करते हैं और आत्मा के गहराईयों को छू सकते हैं।

तारक मंत्र के फायदे और नुकसान | Advantages and Disadvantages of Tarak Mantra

तारक मंत्र एक शक्तिशाली मंत्र है जो मनुष्य को अनेक लाभ प्रदान करता है। इसके साथ ही कुछ निम्नलिखित फायदे और नुकसान हैं:

फायदे:

  • सुरक्षा और सुरक्षा: तारक मंत्र के जाप से मनुष्य को सुरक्षा की अनुभूति होती है और वह खुद को सुरक्षित महसूस करता है।
  • स्वास्थ्य और आरोग्य: इस मंत्र का जाप करने से मनुष्य को आरोग्य और स्वास्थ्य में सुधार मिलता है।
  • समृद्धि और यश: तारक मंत्र के जाप से मनुष्य को सामरिक और आर्थिक स्थिति में सुधार मिलता है और वह यशवंत बनता है।
  • शांति और मानसिक स्थिरता: इस मंत्र के जाप से मन को शांति मिलती है और मानसिक स्थिरता विकसित होती है।

नुकसान:

  • गलत उच्चारण से प्रभावहीन: तारक मंत्र को सही ढंग से उच्चारण न करने पर उसका प्रभाव कम हो सकता है या हो सकता है कि कोई प्रभाव न हो।
  • अनुचित उपयोग का दुष्प्रभाव: कुछ लोग अनुचित उपयोग के चलते तारक मंत्र का दुष्प्रभाव भी महसूस कर सकते हैं।
  • ध्यान और समर्पण की आवश्यकता: तारक मंत्र के जाप के लिए ध्यान और समर्पण की आवश्यकता होती है, और यदि कोई मनुष्य इसे ध्यानपूर्वक नहीं करता है तो उसका प्रभाव कम हो सकता है।

इसलिए, तारक मंत्र के उचित उपयोग का ध्यान रखना और समर्पण के साथ इसका जाप करना महत्वपूर्ण है। यदि संबंधित मनुष्य के पास आवश्यक ज्ञान और संरचना है, तो तारक मंत्र उसके जीवन को पूर्णता और समृद्धि की ओर ले जा सकता है।

तारक मंत्र के रोचक तथ्य | Interesting facts about Tarak Mantra

मंत्र का अर्थ: तारक मंत्र का अर्थ होता है “ताराक ब्रह्मा की अद्भुत शक्ति”। यह मंत्र एक आध्यात्मिक मंत्र है जो शांति, सुख, और स्प्रित्युअल उन्नति प्रदान करता है।

मंत्र की संख्या: तारक मंत्र को नियमित रूप से जप करने की सलाह दी जाती है। आमतौर पर, १०८ बार का जप किया जाता है, लेकिन यह आपकी अनुभव और साधना के संबंध में भी निर्भर करता है।

मंत्र का उच्चारण: तारक मंत्र को “ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूजिताय नमः ताराक ब्रह्मणे” या “ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं तारक ब्रह्मणे स्वाहा” के रूप में उच्चारित किया जाता है।

मंत्र के लाभ: तारक मंत्र के जप से आपको मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। इसके अलावा, यह मंत्र आपके मन को शुद्ध करने, ध्यान क्षमता को विकसित करने, और स्वयं के आंतरिक गुणों का विकास करने में मदद करता है।

मंत्र का महत्व: तारक मंत्र का जप आपको आध्यात्मिक योग्यता में वृद्धि और ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति के लिए प्रेरित करता है। इसे नियमित रूप से जपने से आप अपने जीवन में उच्चतर स्तर की आनंद, संतुष्टि, और सामर्थ्य प्राप्त कर सकते हैं।

जप की विधि: तारक मंत्र के जप के दौरान ध्यान और एकाग्रता को बनाए रखें। श्वास-प्रश्वास के साथ मंत्र को ध्यानपूर्वक उच्चारण करें और मंत्र की ध्वनि को मन में सुनें। यह आपको मंत्र के शक्तिशाली प्रभाव का अनुभव करने में मदद करेगा।

मंत्र के प्रभाव: तारक मंत्र के जप से आपके आत्मिक और मानसिक स्थिति में सुधार होता है। यह मंत्र आपको स्वयं के और अपने चारों ओर के दिव्यता को अनुभव करने में सहायता प्रदान करता है।

ये थे कुछ रोचक तथ्य जो तारक मंत्र के बारे में हैं। यह मंत्र एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक उपकरण है जो आपको शांति, सुख, और आंतरिक उन्नति प्रदान करता है।

तारक मंत्र क्या है?

तारक मंत्र एक शक्तिशाली मंत्र है जो कि ताराक ब्रह्मा की अद्भुत शक्ति को संकेत करता है। इस मंत्र का जप करने से मानसिक और आध्यात्मिक शांति, सुख, और संतोष प्राप्त होते हैं।

तारक मंत्र का जप कैसे किया जाता है?

तारक मंत्र का जप करने के लिए आपको एक शांत और प्राकृतिक वातावरण में बैठकर इसे जपना होगा। आप एक माला का उपयोग करके मंत्र की माला कर सकते हैं या फिर मन में स्थिर रहकर जप कर सकते हैं।

तारक मंत्र का जप कितनी बार किया जाना चाहिए?

तारक मंत्र का जप कितनी बार करना चाहिए, इसमें कोई निश्चित संख्या नहीं है। आप अपनी सामर्थ्य और समय के अनुसार इसे जप सकते हैं। हालांकि, नियमित रूप से जप करने से अधिक लाभ मिलता है।

तारक मंत्र का जप किस समय किया जाता है?

तारक मंत्र को किसी भी समय जप किया जा सकता है, हालांकि, इसे सुबह के समय या संध्या के समय जपने की सलाह दी जाती है। ये समय आपके ध्यान को एकाग्र करने और शांति के लिए उपयुक्त होते हैं।

तारक मंत्र का जप किसलिए किया जाता है?

तारक मंत्र का जप आपको मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति, और अधिक सुख-शांति प्रदान करता है। इसे जपने से मन की अशांति और चिंता कम होती है, ध्यान क्षमता बढ़ती है और आपको आत्मिक अनुभव होता है।

ये थे कुछ आम प्रश्न (FAQs about Swami Samarth Tarak Mantra) जो तारक मंत्र से संबंधित हैं। यदि आपके पास इस विषय में और कोई प्रश्न हैं, तो आप हमसे पूछ सकते हैं।

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